Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0: शहरी इलाकों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए पक्के मकान का सपना पूरा करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की 10वीं बैठक में देश के कई राज्यों के लिए अतिरिक्त आवासों को मंजूरी दी गई है। इस नई किस्त के जुड़ने से योजना के दूसरे चरण का दायरा काफी बढ़ गया है। यदि आप भी इस योजना के तहत लाभ पाने की सोच रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि इस बार किन राज्यों को फायदा मिला है और इसके नियम क्या हैं।
Table of Contents
Key Points
- कुल स्वीकृत मकान: PMAY-U 2.0 के तहत अब तक 20.80 लाख घर मंजूर हुए हैं।
- नई मंजूरी: हाल ही में 1.93 लाख से अधिक नए मकानों को स्वीकृति मिली है।
- सबसे अधिक मकान: उत्तर प्रदेश में 73,182 और बिहार में 52,866 मकान मंजूर हुए हैं।
- सरकारी सहायता: पात्र परिवारों को घर बनाने के लिए अधिकतम ₹2.50 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
- महिलाओं को प्राथमिकता: लगभग 97% स्वीकृत मकान महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में हैं।
यह योजना मुख्य रूप से उन शहरी परिवारों के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) या निम्न और मध्यम आय वर्ग (LIG/MIG) से आते हैं। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ अतिरिक्त परिवारों को किफायती और बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सही समय पर मदद पहुंच सके।
PM Awas Yojana Urban 2.0 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) |
| मंत्रालय | आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, भारत सरकार |
| हाल ही में मंजूर घर | 1.93 लाख से अधिक |
| कुल स्वीकृत घर (चरण 2) | 20.80 लाख |
| मुख्य फोकस | महिलाओं का स्वामित्व (लगभग 97%) |
| योजना के घटक | BLC, AHP, ARH, ISS |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmaymis.gov.in |
इस योजना के तहत मिलने वाली मदद को चार अलग-अलग घटकों में बांटा गया है, ताकि हर परिवार की जरूरत के हिसाब से सहायता दी जा सके। इसमें खुद की जमीन पर घर बनाने से लेकर किफायती किराये के मकान तक की सुविधाएं शामिल हैं, ताकि शहर में रहने वाले किसी भी पात्र परिवार को आवास की कमी न खले।
किन राज्यों को मिले कितने घर
हाल ही में हुई CSMC की बैठक में आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के पात्र परिवारों के लिए मकान मंजूर किए गए हैं। नीचे दी गई टेबल में राज्यवार स्वीकृत घरों की संख्या देख सकते हैं:
| क्रम संख्या | राज्य का नाम | स्वीकृत घरों की संख्या |
|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | 73,182 |
| 2 | बिहार | 52,866 |
| 3 | तेलंगाना | 18,120 |
| 4 | पश्चिम बंगाल | 16,559 |
| 5 | गुजरात | 14,290 |
| 6 | आंध्र प्रदेश | 6,560 |
| 7 | छत्तीसगढ़ | 4,670 |
| 8 | ओडिशा | 3,126 |
| 9 | कर्नाटक | 3,116 |
| 10 | मिजोरम | 1,003 |
| 11 | सिक्किम | 29 |
इन मकानों को मुख्य रूप से लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) और भागीदारी में किफायती आवास (AHP) के जरिए बनाया जा रहा है। अगर आपकी जमीन खुद की है, तो BLC घटक के तहत मदद मिलती है, वहीं प्रोजेक्ट आधारित योजनाओं के लिए AHP का विकल्प होता है।
सब्सिडी और वित्तीय सहायता के नियम
योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता पूरी तरह से पात्रता और चुने गए घटक पर निर्भर करती है। यदि आप BLC घटक के तहत अपनी जमीन पर घर बना रहे हैं, तो केंद्र और राज्य सरकारों के प्रावधानों के अनुसार कुल वित्तीय सहायता अधिकतम 2.50 लाख रुपये तक हो सकती है। इसके अलावा, होम लोन पर मिलने वाली ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) भी एक बड़ा सहारा है।
- ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी श्रेणी के परिवारों को होम लोन पर 1.80 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी मिल सकती है।
- इस सब्सिडी के लिए परिवार की वार्षिक घरेलू आय 9 लाख रुपये तक होनी चाहिए।
- होम लोन की अधिकतम राशि 25 लाख रुपये तक और घर का कुल मूल्य 35 लाख रुपये तक तय किया गया है।
फॉर्म भरने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी पात्रता की शर्तें जरूर जांच लें, क्योंकि गलत या अधूरी जानकारी भरने से आवेदन रद्द हो सकता है।
महिलाओं के नाम आवंटन पर विशेष जोर
पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए घर का स्वामित्व या संयुक्त स्वामित्व देने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक स्वीकृत 20.80 लाख घरों में से 20.16 लाख मकान महिलाओं के नाम पर या उनके संयुक्त स्वामित्व में ही आवंटित किए गए हैं। यह कुल संख्या का करीब 97 प्रतिशत है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों को भी उनकी संख्या के हिसाब से विशेष लाभ दिया जा रहा है।
PM Awas Yojana Direct Link
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Online Application Portal | यहाँ क्लिक करें |
| Official Notification Details | यहाँ क्लिक करें |
| Official Website | यहाँ क्लिक करें |
योजना के नियम, सब्सिडी की शर्तें और पात्रता से जुड़े प्रावधान सरकार के निर्देशों के अनुसार बदल सकते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी जरूर पढ़ लें। अंतिम जाँच: 19 अक्टूबर 2026, स्रोत: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय का आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और नोटिस।



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