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CM Farmers Scholarship Scheme: किसानों के बच्चों को मिलेंगे ₹60,000, जानें पूरी प्रक्रिया

Summary

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के नए अपडेट के अनुसार छात्रवृत्ति राशि बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह यानी सालाना ₹60,000 तक कर दी गई है। पात्र विद्यार्थी कृषि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चयन निर्धारित पात्रता और मेरिट के आधार पर होगा।

CM Farmers Scholarship Scheme 2026-27: किसानों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा संचालित इस योजना का दायरा बढ़ाकर अब अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ देने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज की फीस और पढ़ाई के दूसरे खर्च उठाने वाले परिवारों के लिए यह सहायता काफी मददगार साबित हो सकती है।

Key Points

  • मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को ₹5,000 प्रतिमाह यानी सालाना ₹60,000 तक मिल सकते हैं।
  • योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को मिलेगा।
  • विद्यार्थी का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
  • यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए कम से कम 70% और CBSE/ICSE के विद्यार्थियों के लिए 85% अंक आवश्यक बताए गए हैं।
  • आवेदन संबंधित कृषि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय के माध्यम से करना होगा।

यदि आपके माता-पिता खेती-किसानी से जुड़े हैं और आप कृषि या संबंधित पाठ्यक्रम में स्नातक या स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कौन-कौन सी शर्तें पूरी करनी होंगी और आवेदन कैसे होगा।

CM Farmers Scholarship Scheme Overview

विवरणजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना
राज्यउत्तर प्रदेश
संचालक निकायराज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद
लाभार्थीकिसान एवं खेतिहर मजदूर परिवारों के विद्यार्थी
संशोधित छात्रवृत्ति राशि₹5,000 प्रतिमाह (सालाना ₹60,000 तक)
पात्रता स्तरस्नातक एवं स्नातकोत्तर (कृषि एवं संबंधित पाठ्यक्रम)
आधिकारिक वेबसाइटdashboard.mandiprojects.in

इस योजना में मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे विद्यार्थी की पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है। हालांकि, यह राशि हर आवेदन करने वाले को नहीं मिलती, बल्कि चयन पूरी तरह से निर्धारित नियमों और मेरिट के आधार पर किया जाता है।

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छात्रवृत्ति राशि और सीटों में क्या बदलाव हुआ है

अक्टूबर 2026 में सामने आए नए अपडेट के अनुसार सरकार ने विद्यार्थियों की आर्थिक मदद और सीटों की संख्या दोनों में इजाफा किया है। पहले इस योजना के तहत ₹3,000 प्रति माह मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹5,000 प्रति माह कर दिया गया है। इस हिसाब से 12 महीने की कुल राशि ₹60,000 तक बनती है।

इसके अलावा लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 1,410 से बढ़ाकर 2,820 कर दी गई है। कृषि विश्वविद्यालयों में सीटें 45 से 90 और महाविद्यालयों में 15 से 30 कर दी गई हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है और उसकी मेरिट सूची में जगह बनती है, तो वह बढ़ी हुई दर के अनुसार इस वित्तीय सहायता का हकदार होगा।

किसे मिलेगा लाभ और क्या है पात्रता

इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ कड़े नियम और शैक्षणिक मानक तय किए गए हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है:

  • आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है।
  • विद्यार्थी के माता-पिता किसान या खेतिहर मजदूर होने चाहिए।
  • पढ़ाई मान्यता प्राप्त सरकारी या सहायता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से ही होनी चाहिए।
  • स्नातक स्तर पर प्रवेश के लिए यूपी बोर्ड के छात्रों के कम से कम 70% और सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड के छात्रों के कम से कम 85% अंक होने चाहिए।

यदि आप पहले से किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ ले रहे हैं, तो आवेदन करने से अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से इसकी पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि नियमों के तहत दोहरी छात्रवृत्ति को लेकर प्रतिबंध हो सकते हैं।

आवेदन करने की प्रक्रिया

इस योजना के लिए कोई अलग से सार्वजनिक ऑनलाइन पोर्टल नहीं है, बल्कि आवेदन संस्थान के माध्यम से होता है। सही प्रकार से फॉर्म भरने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  • सबसे पहले अपने संबंधित कृषि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय में जाएं।
  • वहाँ के छात्रवृत्ति विभाग से मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
  • फॉर्म में अपना नाम, माता-पिता का नाम, संपर्क विवरण और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी सही-सही भरें।
  • अपने आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, किसान परिवार होने का प्रमाण, अंकसूचियां और बैंक पासबुक की कॉपी संलग्न करें।
  • तैयार किए गए फॉर्म को कॉलेज के सक्षम अधिकारी या नोडल अधिकारी के पास तय समय के भीतर जमा कर दें।

फॉर्म जमा करते समय उसकी पावती (रसीद) जरूर ले लें, ताकि भविष्य में स्टेटस की जानकारी मिलने में आसानी हो।

विवरणजानकारी
Online Portal Infoयहाँ क्लिक करें
Official Websiteयहाँ क्लिक करें

छात्रवृत्ति के नियम और चयन प्रक्रिया राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार बदल सकती है। आवेदन करने से पहले अपने शिक्षण संस्थान से ताजा अपडेट जरूर प्राप्त कर लें। अंतिम जाँच: 5 नवंबर 2026, स्रोत: राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश।

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत कितनी राशि मिलेगी?

पात्र विद्यार्थियों को ₹5,000 प्रतिमाह यानी सालाना ₹60,000 तक की छात्रवृत्ति मिल सकती है।

इस योजना का लाभ किन विद्यार्थियों को मिलेगा?

उत्तर प्रदेश के किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।

क्या दूसरे राज्य के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं?

नहीं, आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है।

स्नातक में प्रवेश के लिए कितने प्रतिशत अंक जरूरी हैं?

यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए कम से कम 70% और CBSE/ICSE के विद्यार्थियों के लिए 85% अंक निर्धारित बताए गए हैं।

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

विद्यार्थी अपने संबंधित कृषि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त करके जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं।

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Raushan Kumar is an Educational Researcher and Content Writer with 3+ years of experience in tracking Indian recruitment patterns and government job updates. He founded EduMint24 to provide job aspirants with 100% verified alerts directly from official circulars (UPSC, SSC, Banking, and State PSCs).

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